वित्त मंत्रालय ने मध्य पूर्व संकट के बीच कृषि और एमएसएमई क्षेत्रों में ऋण प्रवाह, वित्तीय प्रदर्शन और बैंकिंग परिचालन की समीक्षा के लिए 29 मई को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों की बैठक बुलाई है।बैठक की अध्यक्षता उनकी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे।सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के कामकाज और वित्तीय प्रदर्शन, जन समर्थ पोर्टल पर प्रगति, एआई से संबंधित मुद्दों और डिजिटल धोखाधड़ी पर भी चर्चा होगी।ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) और वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और सुरक्षा हित प्रवर्तन (सरफेसी) अधिनियम के तहत वसूली तंत्र और प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।यह बैठक राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों द्वारा वित्त वर्ष 2016 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड संयुक्त शुद्ध लाभ दर्ज करने के बाद हुई है, जो पीएसबी के लिए लाभप्रदता का लगातार चौथा वर्ष है।बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, ऋण वृद्धि और उच्च आय ने वर्ष के दौरान आय बढ़ाने में मदद की।पीएसबी का कुल परिचालन लाभ 3.21 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध लाभ साल-दर-साल 11.1 प्रतिशत बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गया।31 मार्च, 2026 तक पीएसबी का कुल कारोबार 12.8 प्रतिशत बढ़कर 283.3 लाख करोड़ रुपये हो गया।कुल जमा 10.6 प्रतिशत बढ़कर 156.3 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि सकल अग्रिम 15.7 प्रतिशत बढ़कर 127 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर ऋण मांग को दर्शाता है।संपत्ति की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ, वित्त वर्ष 2026 के अंत में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात घटकर 1.93 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए अनुपात गिरकर 0.39 प्रतिशत हो गया।वर्ष के दौरान ताजा फिसलन में और गिरावट आई, फिसलन अनुपात घटकर 0.7 प्रतिशत हो गया। बट्टे खाते में डाले गए खातों सहित कुल वसूली 86,971 करोड़ रुपये थी।
वित्त मंत्रालय 29 मई को कृषि और एमएसएमई को पीएसयू बैंकों के ऋण की समीक्षा करेगा
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